Domestic LPG Price Hike: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती लागत का सीधा असर अब भारतीय रसोई के बजट पर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है।
यह बढ़ी हुई दरें 7 जून 2026 से देश के सभी प्रमुख राज्यों और महानगरों में लागू हो चुकी हैं। इससे पहले बीते 7 मार्च को भी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए गए थे। जिसके बाद यह तीन महीने के भीतर आम जनता पर दूसरा बड़ा वित्तीय बोझ है। आइए जानते हैं इस मूल्य वृद्धि के बाद देश के प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की ताजा कीमतें क्या हैं।
विधानसभा चुनाव और कई परीक्षा के रद्द होने के कारन में मची उथल-पुथल और वैश्विक ऊर्जा बाजारों कच्चे तेल की लगातार बदलती कीमतों का सीधा और कड़ा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है।
NDTV की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह संशोधित दरें 7 जून 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले तीन महीनों के भीतर आम जनता पर यह दूसरा बड़ा वित्तीय बोझ है (इससे पहले बीती 7 मार्च को Domestic LPG Price Hike ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी)। आइए समझते हैं इस मूल्य वृद्धि के पीछे के मुख्य आर्थिक कारण क्या हैं और सरकारी तेल कंपनियों को अभी भी प्रति सिलेंडर कितना नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Table of Contents
- Domestic LPG Price Hike: महानगरों में अब क्या हैं नए दाम? (Check LPG Cost in Your City)
- Domestic LPG Cylinder Prices Up: क्यों बढ़ रहे हैं दाम? तेल कंपनियों का बड़ा दावा
- Commercial vs Domestic LPG Rate 2026: घरेलू बनाम कमर्शियल एलपीजी दरें (14.2 KG vs 19 KG Prices)
- क्यों बढ़ीं कीमतें? पश्चिम एशिया संकट और OMCs का घाटा
- रसोई गैस ही नहीं, पेट्रोल और डीजल पर भी कंपनियां झेल रही हैं ‘महा-नुकसान’
- सरकार की क्या है तैयारी? 30 दिनों के रिजर्व का आदेश
Domestic LPG Price Hike: महानगरों में अब क्या हैं नए दाम? (Check LPG Cost in Your City)
इस ताजा ₹29 की बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की खुदरा Latest LPG Gas Rate 14.2 kg इस प्रकार हो गई हैं:
14.2 KG घरेलू LPG सिलेंडर: शहर-वार नई रेट लिस्ट (7 जून 2026 से प्रभावी)
| शहर का नाम (City) | पुराना रेट (6 जून 2026 तक) | नई बढ़ी हुई रेट (7 जून 2026 से) | कुल बढ़ोतरी |
| नई दिल्ली (New Delhi) | ₹913.00 | ₹942.00 | +₹29.00 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹939.00 | ₹968.00 | +₹29.00 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹912.50 | ₹941.50 | +₹29.00 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹928.50 | ₹957.50 | +₹29.00 |
| पटना (Patna) | ₹1,002.50 | ₹1,031.50 | +₹29.00 |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹950.50 | ₹979.50 | +₹29.00 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹965.00 | ₹994.00 | +₹29.00 |
| जयपुर (Jaipur) | ₹916.50 | ₹945.50 | +₹29.00 |
| गुरुग्राम (Gurgaon) | ₹921.50 | ₹950.50 | +₹29.00 |
| नोएडा (Noida) | ₹910.50 | ₹939.50 | +₹29.00 |
| भुवनेश्वर (Bhubaneswar) | ₹939.00 | ₹968.00 | +₹29.00 |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | ₹862.50 | ₹851.50 | +₹29.00 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹922.00 | ₹951.00 | +₹29.00 |
Domestic LPG Cylinder Prices Up: क्यों बढ़ रहे हैं दाम? तेल कंपनियों का बड़ा दावा

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 kg) के दामों में बदलाव के बाद घरेलू गैस की कीमतों में सुधार करना अनिवार्य हो गया था। जिससे Domestic LPG Price Hike में बदले है।
- अंडर-रिकवरी (नुकसान) की भरपाई: सूत्रों का दावा है कि इस ₹29 की बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियां घरेलू एलपीजी की बिक्री पर भारी नुकसान (Under-recovery) झेल रही हैं। इस संशोधन से पहले कंपनियों को प्रति सिलेंडर करीब ₹703 का घाटा हो रहा था। जिससे Domestic LPG Price Hike किया गया।
- पेट्रोल-डीजल भी हुए महंगे: सिर्फ रसोई गैस ही नहीं, बल्कि मई के मध्य से अब तक देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कुल ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि सीएनजी (CNG) के दाम भी ₹6 प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं।
Commercial vs Domestic LPG Rate 2026: घरेलू बनाम कमर्शियल एलपीजी दरें (14.2 KG vs 19 KG Prices)
यदि हम घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर और होटलों/रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की तुलना करें, तो बाजार की स्थिति नीचे दी गई टेबल से साफ हो जाती है। Commercial vs Domestic LPG Rate 2026 की तुलना टेबल निम्न प्रकार से है।
| शहर (City) | घरेलू सिलेंडर दर (14.2 kg – New) | कमर्शियल सिलेंडर दर (19 kg |
| दिल्ली | ₹942.00 | ₹3,113.50 |
| मुंबई | ₹941.50 | ₹3,067.50 |
| कोलकाता | ₹968.00 | ₹3,255.50 |
| चेन्नई | ₹957.50 | ₹3,283.00 |
| पटना | ₹998.00 | ₹3,400.00 |
क्यों बढ़ीं कीमतें? पश्चिम एशिया संकट और OMCs का घाटा
इस बड़ी मूल्य वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय असंतुलन सबसे मुख्य वजह बनकर उभरे हैं:
- पश्चिम एशिया संकट का असर (West Asia Energy Crisis Impact): मार्च और उसके बाद के महीनों में पश्चिम एशिया में भड़के तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supplies) पूरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन के दाम आसमान छूने लगे, जिसने भारतीय तेल कंपनियों पर आयात लागत का भारी दबाव बना दिया।
- मार्च की बढ़ोतरी थी नाकाफ़ी: हालांकि 7 मार्च को कंपनियों ने ₹60 बढ़ाए थे, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में ऊंट के मुंह में जीरे के समान था। OMCs Gas Sale Loss 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इस ताजा ₹29 की बढ़ोतरी से ठीक पहले तक सरकारी तेल कंपनियां घरेलू एलपीजी की बिक्री पर प्रति सिलेंडर लगभग ₹703 का भारी घाटा (Loss) उठा रही थीं। इस घाटे (Under-recovery) को थोड़ा कम करने के लिए ही यह ताजा फैसला लिया गया है।
रसोई गैस ही नहीं, पेट्रोल और डीजल पर भी कंपनियां झेल रही हैं ‘महा-नुकसान’
रसोई गैस के दामों में लगी यह आग अकेले नहीं आई है, बल्कि यह देश में चल रहे व्यापक ईंधन मूल्य संशोधन (Broader Fuel Price Revision) का ही एक हिस्सा है:
- पेट्रोल-डीजल में कुल ₹7.50 की बढ़ोतरी: आंकड़ा 1.
बीते मई महीने के मध्य (Mid-May) से लेकर अब तक देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर तक का संचयी (Cumulative) इजाफा किया जा चुका है. - सीएनजी (CNG) भी हुई महंगी: आंकड़ा 2.
वाहनों और कुछ उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की दरों में भी हाल के हफ्तों में करीब ₹6 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. - ₹33 से अधिक का अंडर-कॉस्ट घाटा: आंकड़ा 3.
इतनी मूल्य वृद्धि के बावजूद, चौंकाने वाली बात यह है कि तेल कंपनियां अभी भी लागत से काफी कम कीमत पर पेट्रोल-डीजल बेच रही हैं. कंपनियों को आज भी पेट्रोल पर लगभग ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर रिकॉर्ड ₹33.6 प्रति लीटर का घाटा उठाना पड़ रहा है.
सरकार की क्या है तैयारी? 30 दिनों के रिजर्व का आदेश
वैश्विक अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आने वाली बाधाओं को देखते हुए, भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा सुरक्षा कदम उठाया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स और उद्योग जगत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बहुत बड़े झटके से बचा लिया है।
- पूरी लागत पास-थ्रू नहीं की: सरकार ने वैश्विक कीमतों के पूर्ण प्रभाव (Full Pass-Through) को सीधे आम जनता पर नहीं डाला है। इसके बजाय, घाटे का एक बहुत बड़ा हिस्सा सरकारी तेल रिफाइनरियों और खुदरा विक्रेताओं (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा खुद एब्जॉर्ब (अवशोषित) किया जा रहा है, ताकि घरेलू बजट पूरी तरह न बिगड़े।
- 1 जून 2026: कमर्शियल सिलेंडर में वृद्धि
महीने की शुरुआत में होटलों और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के सिलेंडर के दाम ₹42 से ₹53 तक बढ़ाए गए थे.
- 7 जून 2026 (आज): घरेलू गैस की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी (Domestic LPG Price Hike)
आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित करते हुए 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए.
- आगामी नीति (Strategic Step): 30 दिनों का एलपीजी बफर स्टॉक
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, सभी सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को देश में कम से कम 30 दिनों की मांग के बराबर एलपीजी का रणनीतिक रिजर्व (Strategic Reserves) बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल या डीजल के स्टॉक की कोई कमी नहीं है और घरेलू रिफाइनरियां रिकॉर्ड स्तर पर (लगभग 52,000 टन प्रतिदिन) एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं। जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए देश भर में 6,500 से अधिक जगहों पर छापेमारी भी की गई है।







