HomeBharatदिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के...

दिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के दरिंदे: अनुरूप गुप्ता की हत्या, शव के छह टुकड़े तीन बैगों में भरकर यमुना के पास फेंके

दिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के दरिंदे:— राजधानी के द्वारका क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सोने के जेवरात की लालच में एक व्यक्ति की उसकी प्रेमिका समेत दोस्तों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई और बाद में मृतक का शव छह टुकड़ों में काटकर तीन बैगों में भरकर उत्तर प्रदेश के वृंदावन-मथुरा के पास यमुना नदी के किनारे फेंक दिया गया। यह घटना न केवल दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती बनी है, बल्कि समाज में अपराध की भयावहता को भी उजागर करती है जिसमें करीबी रिश्तों और विश्वास का तड़का भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अनुरूप गुप्ता (48) के रूप में हुई है, जो द्वारका के छत्तीसगढ़ सदन इलाके में एक कैंटीन चलाते थे और अपने परिवार से अलग अकेले रहते थे। उनका परिवार 23 फरवरी को यह गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचा, जब अनुरूप 18 फरवरी से अपने अपार्टमेंट और वाहन के साथ लापता हो गए। प्रारंभ में पुलिस ने मामूली लापता व्यक्ति की रिपोर्ट के रूप में मामला दर्ज किया, परंतु जल्द ही गंभीर सुराग मिलने लगे।

कैसे हुई थी हत्या की साजिश?

पुलिस जांच के दौरान यह पता चला कि अनुरूप अपनी नकदी और जेवरात के लिए अपने एक करीबी दोस्त हैप्पी उर्फ़ सूरज (29) से मिलने के लिए तैयार हुए थे। पुलिस के पूछताछ में सामने आया कि हैप्पी और उसके साथियों ने पहले से ही इस योजना को रचा। यह सबकसी फ़रारी भरी सोने-चांदी के जेवरात को हथियाने के लिए किया गया।

ये वही जेवरात थे जिनकी कीमत लगभग 40 लाख रुपये आंकी जा रही थी और जिन्हें अनुरूप अक्सर अपने शरीर पर धारण करते थे। पुलिस के मुताबिक, यह सोना चोरी करना एक अहम वजह था कि अभियुक्तों ने पहले लोभी आंखों से अनुरूप को फ़ँसाया, फिर मार डाला। दिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के दरिंदे जिसका नाम सूरज, भूपेंद्र व् बलराम है.

पकड़े गए और फरार आरोपी

पुलिस ने अब तक चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यही दिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के दरिंदे उनमें शामिल हैं:

  • हैप्पी उर्फ सूरज (29) – हिसार, हरियाणा निवासी और मुख्य कथित साजिशकर्ता
  • राखी (21) – कापावार, देवरिया, उत्तर प्रदेश निवासी, जिसकी हैप्पी के साथ प्रेमिका की नाते जुड़े होने की बात सामने आई
  • भूपेंद्र (27) – राय, सोनीपत निवासी
  • बलराम (28) – बरहाना, झज्जर का रहने वाला

पाँचवां आरोपी नीरज फिलहाल फरार है, और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस कारगर पुलिस कामयाबी में दिल्ली पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल का विशेष योगदान रहा है, जो इस मामले में गहन जांच कर रही है।

घटना का समय-रेखा और जांच का दायरा

पुलिस को शुरुआत में अनुरूप के अपार्टमेंट से शुरू-आशंका मिली कि 18 फरवरी की रात उसे किसी ने रैपिडो बाइक पर बैठाकर किसी इमारत की ओर ले जाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस डाटा के आधार पर यह पता लगाया कि उसके साथ 19-20 फरवरी की रात को कुछ लोग इमारत के भीतर दाखिल हुए थे, और अगले दिन उसी इमारत से एक स्कूटी बाहर निकली। इससे पुलिस को संदेह हुआ कि वह हत्या स्थल हो सकता है।

जैसे-जैसे पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया, यह सामने आया कि आरोपी उस रात अनुरूप को बाहर ले गए, उसकी हत्या की, उसके शरीर को छह टुकड़ों में काटा, और फिर उन्हें  तीन प्लास्टिक बैगों में पैक कर वृंदावन-मथुरा क्षेत्र में  यमुना नदी के पास फेंक दिया। इस भयानक कार्य से उन्होंने शव की पहचान कठिन करने का प्रयास किया। पुलिस को क्या मिला?

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से मृतक की कार, कुछ जेवरात और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है। साथ ही, तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी द्वारा उपयोग किए गए वाहनों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डेटा को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटना की पूरी सच्चाई उघाड़ दी जा सके। (Amar Ujala)

समाजिक असर और सुरक्षा सवाल

इस तरह की निर्मम हत्या ने न केवल पुलिस बल्कि आम जनता के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। यह मामला उन कई मामलों की श्रृंखला में एक और कड़ी है जहाँ करीबी रिश्ते, भरोसे और दोस्ती के नाम पर धोखे और अपराध को जन्म दिया गया है — जैसा कि दिल्ली के अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों (जैसे Shraddha Walkar हत्या) में देखा गया है, जहां घरेलू मामलों ने भयावह परिणाम दिए थे। (Wikipedia)

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामले समाज में विश्वास-घात, लालच और सामाजिक संरचना पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। यह बात स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक चेतना को भी मजबूती की आवश्यकता है।

पुलिस ने कैसे किया मामला सुलझाया

दिल्ली पुलिस के एंटी नारकोटिक्स और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने तस्वीरों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी डेटा के आधार पर गुमशुदगी से हत्या तक की पूरी जांच का चक्र सफलतापूर्वक पूरा किया। शुरुआती गुमशुदगी की रिपोर्ट 23 फरवरी को दर्ज की गई थी जब अनुरूप गुप्ता का परिवार उसे और उसकी गाड़ी को लंबे समय तक संपर्क में नहीं पा सका।

जांच में पाया गया कि आरोपी हैप्पी उर्फ़ सूरज और उसके साथियों ने साजिशपूर्वक अनुरूप को 18 फरवरी को उसके अपार्टमेंट के बाहर बुलाया, बाद में शादी-पार्टी का बहाना करके उसे अपने कमरे में ले जाकर बंधक बनाया और पहले बेरहमी से मारा-पीटा, फिर थप्पड़, डंडे और चाकू से घायल कर दिया। जब अनुरूप ने उनसे और धन या जेवरात देने से इनकार किया तो ही उसे मौत के घाट उतार दिया गया।

इसके बाद आरोपी ने उसकी लाश को छह टुकड़ों में काटा और तीन प्लास्टिक बैगों में पैक कर दिया ताकि पहचान मुश्किल हो, तथा यमुना नदी के पास उत्तर प्रदेश के वृंदावन में फेंक दिया

पुलिस ने इस क्रूर काम में used अनुरूप के मोबाइल फोन को उसके वाहन में छोड़ दिया ताकि पता चले कि वह कहीं दूसरी जगह छुट्टियों पर गया है — आरोपी ने उसी फोन से परिवार को भी संदेश भेजकर उन्हें भ्रमित करने की कोशिश की।

ये भी पढ़े: Kamenei Death Sonia Gandhi Criticism Modi: सोनिया बोलीं खामेनेई की हत्या पर दिल्ली की चुप्पी से हैरानी: यह तटस्थता नहीं, जिम्मेदारी से पीछे हटना

 गिरफ्तार आरोपी और न्यायिक प्रक्रिया

पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पाँचवां आरोपी नीरज अभी भी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों में हैं:

  • हैप्पी उर्फ़ सूरज — मुख्य साजिशकर्ता

  • राखी — आरोपी की साथी

  • भूपेंद्र और बलराम — साजिश के साथियों में शामिल
    इन सभी पर हत्या, साजिश, बैग में शव डिस्पोज़ल और झूठी सूचना देने के गंभीर आरोप हैं। दिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के दरिंदे है.

पुलिस ने सभी बरामद सबूतों — सीसीटीवी, मोबाइल विवरण, वाहन रूट और पूछताछ — को प्राइमरी सबूत के रूप में अदालत में प्रस्तुत किया है। कोर्ट ने आरोपियों को आर्थिक लाभ और विश्वासघात कारण से हत्या की साजिश रचने के आरोपों के तहत हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं और मामले की आगे की सुनवाई जारी है। जल्दी ही आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

  पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया

अनुरूप गुप्ता के परिजन पहले ही पुलिस को धन्यवाद दे चुके हैं कि उन्होंने 10-दिन की कठिन जांच के बाद हत्या की पर्दाफ़ाश कर दी। परिवार का कहना है कि अनुरूप एक शांत और मेहनती व्यक्ति थे, जो अपने व्यवसाय में ईमानदारी से लगे थे और किसी से दुश्मनी नहीं रखते थे। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनका दोस्त ही उनके साथ ऐसा कर सकता है। परिवार ने कहा कि वह न्याय चाहते हैं, और उम्मीद करते हैं कि अदालत आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देगी ताकि ऐसी क्रूरता दोबारा न हो। ये रहा खबर दिल्ली में सोने के जेवर के लिए दोस्त ही बने ख़ून के दरिंदे का.

ये भी पढ़े: Importance of colors in Holi: होली में जाने रंग का असली महत्त्व, तो बताइए आप कौन से रंग लगाने वाले हैं?

Shivji Kumar
Shivji Kumarhttp://samvadshiv.com
I am a student and also a bit of a thinker. I am a freelance journalist. I am fond of writing, I have been writing for the last 5 years.
RELATED ARTICLES

Recent

Popular