Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi: जेठ का महीना शुरू होते ही उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में एक अलग ही भक्तिमय उत्साह देखने को मिलता है। इस वर्ष 12 मई 2026 को ज्येष्ठ मास का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है।
यह दिन न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि इस बार तेलुगु हनुमान जयंती और बड़ा मंगल का दुर्लभ संयोग: बजरंगबली की कृपा पाने के लिए ऐसे करें आराधना ताकि आपके जीवन के सभी कष्ट मिट सकें।
बड़ा मंगल और तेलुगु हनुमान जयंती दोनों ही भगवान हनुमान को समर्पित अत्यंत पावन पर्व हैं, जो संयोगवश इस वर्ष (2026) एक ही दिन हैं। बड़ा मंगल (Bada Mangal) को मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, यह ज्येष्ठ (Jyeshtha) माह के सभी मंगलवार ‘बड़े मंगल’ कहलाते हैं।
बड़ा मंगल के मान्यता: कहा जाता है कि इसी दिन त्रेतायुग में हनुमान जी की मुलाकात पहली बार प्रभु श्री राम से हुई थी। एक अन्य कथा के अनुसार, महाभारत काल में हनुमान जी ने इसी दिन भीम का गर्व चूर किया था।
बड़ा मंगल के परंपरा: इस दिन शहरों में जगह-जगह ‘भंडारे’ लगाए जाते हैं, जहाँ लोगों को पूड़ी-सब्जी और ठंडा शरबत पिलाया जाता है। इसे सामाजिक सद्भाव और सेवा का पर्व माना जाता है।
तेलुगु हनुमान जयंती (Telugu Hanuman Jayanti) मुख्य रूप से दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में मनाई जाती है। उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, लेकिन तेलुगु परंपरा में यह वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाती है।
दीक्षा का महत्व: श्रद्धालु अक्सर चैत्र पूर्णिमा से 41 दिनों की ‘हनुमान दीक्षा’ (एक प्रकार का कठिन व्रत और नियम) शुरू करते हैं, जिसका समापन इसी तेलुगु हनुमान जयंती के दिन होता है।
तेलुगु हनुमान जयंती पर विशेष पूजा: इस दिन मंदिरों में ‘हनुमान चालीसा’ और ‘सुंदरकांड’ का सामूहिक पाठ किया जाता है। विशेष रूप से ‘वडपप्पू’ (भीगी हुई मूंग दाल) और ‘पानकम’ (गुड़ का शरबत) का भोग लगाया जाता है।
तेलुगु हनुमान जयंती और बड़ा मंगल पर बजरंगबली की कृपा पाने के लिए ऐसे करें आराधना
इस बार 12 मई 2026 को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल और तेलुगु हनुमान जयंती एक साथ पड़ रहे हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से इसे एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर और दक्षिण भारत की दोनों प्रमुख हनुमान परंपराएं एक ही दिन मिल रही हैं।
हनुमान भक्तों के लिए यह दिन अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और विशेष आशीर्वाद पाने के लिए सबसे उत्तम है। आइये जानेंगे कि Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi क्या है और कैसे आप इस विशेष दिन का आध्यात्मिक लाभ उठा सकते हैं।
कल है साल का दूसरा बड़ा मंगल: हनुमान जी के इन 3 गुप्त मंत्रों से दूर होंगे सभी संकट, जानें शुभ मुहूर्त

साल 2026 का दूसरा बड़ा मंगल बेहद खास है क्योंकि ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। 12 मई को पड़ने वाले इस मंगल के दिन अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi का पालन करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
बड़ा मंगल शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:05 से 04:50 तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:45 तक।
बड़ा मंगल का महत्व: भगवान राम और हनुमान जी के मिलन का प्रतीक
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगल का संबंध त्रेतायुग से है। माना जाता है कि इसी माह के मंगलवार को वनवास के दौरान संकटमोचन हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्री राम से हुई थी।
इसीलिए इसे ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। इस दिन Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi का पालन करने का अर्थ है उस भक्ति और शक्ति के मिलन को अपने भीतर महसूस करना।
तेलुगु हनुमान जयंती 2026 (Telugu Hanuman Jayanti 2026 dates) और बड़ा मंगल का संयोग
जहाँ उत्तर भारत में बड़ा मंगल की धूम है, वहीं दक्षिण भारत, विशेषकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हनुमान जयंती मनाई जाती है। Telugu Hanuman Jayanti 2026 dates के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा से शुरू होने वाली हनुमान दीक्षा का समापन इसी समय के आसपास होता है।
यह उत्तर और दक्षिण की भक्ति परंपराओं का एक सुंदर संगम है। इस संयोग में Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi के साथ मंत्र साधना करने से हनुमान जी अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
Step-by-Step: Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi (पूजा की सही विधि)
हनुमान जी की पूजा में शुद्धता और नियम का बहुत महत्व है। यदि आप घर पर पूजा कर रहे हैं, तो इस Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi को अपनाएं:
शुद्धि: सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
संकल्प: हनुमान जी की प्रतिमा के सम्मुख बैठकर हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामना का संकल्प लें।
दीपक और सुगंध: Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi के अनुसार, हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है। साथ ही चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उन्हें चोला चढ़ाएं।
पाठ: दीपक प्रज्वलित करने के बाद ‘सुंदरकांड’ या ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ पूर्ण एकाग्रता के साथ करें।
ध्यान रहे कि घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर से तिलक करना भी Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi का एक अभिन्न हिस्सा है। आप पुरे मनोयोग से हनुमान जी की पूजा करें।
Powerful Hanuman Mantra for success (सफलता के लिए शक्तिशाली हनुमान मंत्र)
मंत्रों में ध्वनि का विज्ञान छिपा होता है। बड़ा मंगल के दिन इन मंत्रों का जाप आपको अद्भुत मानसिक शक्ति प्रदान कर सकता है:
हनुमान गायत्री मंत्र: ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि, तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
यह मंत्र बुद्धि और विवेक जागृत करने के लिए Powerful Hanuman Mantra for success माना जाता है। हनुमान गायत्री मंत्र न केवल भगवान हनुमान की स्तुति है, बल्कि यह मानसिक शक्ति, साहस और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करने का एक शक्तिशाली माध्यम भी है। जैसे ‘सूर्य गायत्री’ बुद्धि को प्रेरित करती है, वैसे ही ‘हनुमान गायत्री’ व्यक्ति के भीतर संकल्प शक्ति और प्राण ऊर्जा का संचार करती है।
नीचे इस मंत्र का शब्दिक अर्थ और इसके गहरे महत्व का विवरण दिया गया है:
हनुमान गायत्री मंत्र का शब्दिक अर्थ
मंत्र: ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि, तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
इस मंत्र को तीन मुख्य भागों में समझा जा सकता है:
- ॐ आञ्जनेयाय विद्महे:
आञ्जनेयाय: माता अंजनी के पुत्र (अंजनेय)।
विद्महे: हम उन्हें जानते हैं (या उनके वास्तविक स्वरूप का ज्ञान प्राप्त करते हैं)।
अर्थ: हम अंजनी के पुत्र हनुमान को जानते हैं।
- वायुपुत्राय धीमहि:
वायुपुत्राय: वायु देवता के पुत्र।
धीमहि: हम उनका ध्यान करते हैं।
अर्थ: हम पवनपुत्र हनुमान का ध्यान करते हैं।
- तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्:
तन्नो: वे (भगवान हनुमान)।
हनुमत्: हनुमान जी।
प्रचोदयात्: हमें प्रेरित करें (सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें)।
अर्थ: वे भगवान हनुमान हमें उच्च ज्ञान और शक्ति की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
हनुमान गायत्री मंत्र का शाब्दिक अर्थ एक दिव्य प्रार्थना के प्रवाह जैसा है, जिसमें भक्त सबसे पहले माता अंजनी के तेजस्वी पुत्र ‘अंजनेय’ के वास्तविक और आध्यात्मिक स्वरूप को जानने की जिज्ञासा प्रकट करता है। इसके तुरंत बाद, वह ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रतीक और पवनदेव के पुत्र ‘वायुपुत्र’ के शक्तिशाली रूप में अपना ध्यान केंद्रित करता है।
जिससे मन और आत्मा उस असीमित शक्ति से जुड़ सके। अंत में, यह मंत्र एक गहरा आग्रह बन जाता है कि वे महावीर हनुमान, जो बुद्धि और बल के स्वामी हैं, साधक की बुद्धि और अंतरात्मा को सही दिशा में सक्रिय करें और उसे सन्मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करते रहें।
पूर्ण भावार्थ: हम अंजनी के पुत्र हनुमान को जानते हैं और पवनपुत्र का ध्यान करते हैं; वे महावीर हनुमान हमें बुद्धि, बल और कर्म की प्रेरणा प्रदान करें।
हनुमान गायत्री मंत्र का महत्त्व
मानसिक शक्ति और साहस: इस मंत्र का निरंतर जप करने से भय, चिंता और घबराहट दूर होती है। यह साधक के भीतर आत्मविश्वास और निर्भयता पैदा करता है।
बुद्धि और एकाग्रता: हनुमान जी को ‘बुद्धिमतां वरिष्ठम्’ (बुद्धिमानों में श्रेष्ठ) कहा गया है। छात्र और शोधकर्ताओं के लिए यह मंत्र एकाग्रता बढ़ाने और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करने के लिए अचूक माना जाता है।
प्राण ऊर्जा का संतुलन: हनुमान जी वायुपुत्र हैं। योग और आयुर्वेद के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण शरीर के भीतर ‘प्राण वायु’ को संतुलित करता है, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य और ऊर्जा का स्तर बेहतर होता है।
नकारात्मकता से रक्षा: मान्यता है कि हनुमान गायत्री मंत्र का जाप करने से घर और मन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। यह ऊपरी बाधाओं और बुरी नजर से सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
शनि दोष और कष्टों से मुक्ति: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए यह मंत्र अत्यंत लाभकारी है। यह जीवन के संघर्षों को कम करने में सहायक है।
जप करने की विधि:
इसे प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद लाल आसन पर बैठकर करना श्रेष्ठ है।
कम से कम 11, 21 या 108 बार इसका जप करें।
जप करते समय हनुमान जी की सिंदूरी प्रतिमा या चित्र का ध्यान करने से फल जल्दी मिलता है।
हनुमान मूल मंत्र: ॐ श्री हनुमते नमः॥
इस सरल दिखने वाले मंत्र में असीमित ऊर्जा है। Hanuman Moola Mantra benefits (हनुमान मूल मंत्र के लाभ) की बात करें तो यह शत्रु बाधा और भय से मुक्ति दिलाने में सबसे कारगर है।
विशेष भोग: बजरंगबली के प्रिय व्यंजन
Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi तब तक अधूरी है जब तक कि आप हनुमान जी को उनका प्रिय भोग न लगाएं।
- बूंदी के लड्डू: हनुमान जी को मीठी बूंदी या बेसन के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं।
- गुड़-चना: शक्ति के प्रतीक के रूप में उन्हें गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाएं।
- मीठा पान: अंत में एक मीठा पान (बिना तंबाकू और चूना वाला) अर्पित करना न भूलें।
संकट मोचन हनुमान अष्टक पाठ (Sankat Mochan Hanuman Ashtak path)
अगर आपके जीवन में परेशानियाँ खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, तो इस दूसरे बड़े मंगल पर Sankat Mochan Hanuman Ashtak path अवश्य करें। यह पाठ न केवल आपके ग्रहों के दोष शांत करता है।
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बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी पुनर्जीवित करता है। पूजा के अंत में Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi के अनुसार आरती करें और प्रसाद को गरीबों में वितरित करें। बड़ा मंगल पर ‘भंडारा’ कराने की परंपरा भी इसी सेवा भाव को दर्शाती है।
भक्ति और विश्वास का महापर्व
12 मई 2026 का यह दिन आपके लिए आध्यात्मिक उन्नति का द्वार खोल सकता है। सही Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi का पालन करके और सात्विक जीवन शैली अपनाकर आप बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। याद रखें, हनुमान जी ‘भाव’ के भूखे हैं। आपकी श्रद्धा जितनी गहरी होगी, उनकी कृपा उतनी ही तीव्र होगी।
इस बड़ा मंगल पर पूरे समर्पण के साथ Bada Mangal Hanuman Puja Vidhi अपनाएं और अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भरें। जय श्री राम! जय हनुमान
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. samvadshiv.com/ इसकी पुष्टि नहीं करता है. यह केवल लोक मान्यता और आस्था पर निर्धारित करता है। पूजा या अन्य जानकारी हेतु आप जानकार पंडित या अनुभवी व्यक्ति से संपर्क कर सकते हैं।











