Jau ka thanda Sharbat summer recipe: मई और जून की यह चिलचिलाती धूप, आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती लू ने पूरे उत्तर भारत को एक भट्टी की तरह तपा दिया है। तापमान 45 डिग्री के पार जा रहा है और इस भीषण गर्मी में शरीर की पूरी एनर्जी जैसे निचोड़ जाती है।
ऐसे समय में बाजार में मिलने वाली केमिकल युक्त, प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल शुगर से भरी कोल्ड ड्रिंक्स शरीर को राहत देने के बजाय डिहाइड्रेशन और एसिडिटी जैसी परेशानियां बढ़ा देती हैं। आइए, जानते हैं कि इस अमृत पेय (Jau ka Sattu)को घर पर कैसे तैयार करें और इसके जादुई स्वास्थ्य लाभ क्या हैं।
Table of Contents
- Jau ka thanda Sharbat summer recipe: पारंपरिक स्वाद और शीतलता
- जौ के शरबत की सामग्री (Jau ke sharbat ki samagri)
- जौ का शरबत बनाने की विधि (Jau ka sharbat banane ki vidhi)
- Jau ka thanda Sattu recipe: गाढ़ा और सेहतमंद नाश्ता
- पेट की गर्मी के लिए जौ का पानी (Pet ki garmi ke liye jau ka pani) के 5 जादुई फायदे
- 1. भयंकर लू (Heatwave) से अचूक सुरक्षा
- 2. पेट की गर्मी और एसिडिटी का काल
- 3. तुरंत एनर्जी और डिहाइड्रेशन से राहत
- 4. वजन घटाने में मददगार
- 5. किडनी और यूरिन इन्फेक्शन में फायदेमंद
- सत्तू का महा-मुकाबला: जौ सत्तू बनाम चना सत्तू
- Jau ka thanda Sharbat summer recipe: इस गर्मी अपनाएं देसीपन
- जौ और चना सत्तू से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs of Jau ka thanda Sharbat summer recipe)
- क्या जौ का सत्तू और चने का सत्तू एक ही होता है?
- गर्मियों में जौ और चना सत्तू में से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है?
- क्या जौ सत्तू में चना सत्तू मिला सकते हैं?
- जौ का ठंडा शरबत (Jau ka Thanda Sharbat) पीने का सही समय क्या है?
- क्या डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज जौ का सत्तू पी सकते हैं?
- क्या वजन घटाने (Weight Loss) के लिए जौ का शरबत फायदेमंद है?
- क्या सत्तू का शरबत बच्चों और बुजुर्गों को दिया जा सकता है?
- सत्तू का शरबत मीठा पीना ज्यादा बेहतर है या नमकीन?
Jau ka thanda Sharbat summer recipe: पारंपरिक स्वाद और शीतलता
गर्मियों के दिनों में जब शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, तब भुने हुए जौ से तैयार किया गया Jau ka Thanda Sharbat एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। गांवों से लेकर आधुनिक शहरों तक, हेल्थ कॉन्शियस लोगों के बीच यह ड्रिंक पहली पसंद बनता जा रहा है।
इसे बनाना बेहद आसान है और यह मिनटों में तैयार हो जाता है। इस जानलेवा हीटवेव को मात देने के लिए हमारे पुरखों का एक ऐसा देसी और पारंपरिक अमृत आज भी सबसे अचूक नुस्खा है, जिसके आगे दुनिया की हर कोल्ड ड्रिंक फेल है।
हम बात कर रहे हैं जौ के ठंडे शरबत की। यह न केवल आपके पेट को AC जैसी अंदरूनी ठंडक प्रदान करता है, बल्कि शरीर को तुरंत एनर्जी से भर देता है।
जौ के शरबत की सामग्री (Jau ke sharbat ki samagri)

एक बेहतरीन और चटपटा शरबत बनाने के लिए आपको नीचे दी गई शुद्ध सामग्रियों की आवश्यकता होगी:
- भुने जौ का आटा (जौ का सत्तू): 4 बड़े चम्मच
- ठंडा पानी: 2 बड़े ग्लास
- भुना जीरा पाउडर: 1 छोटा चम्मच
- काला नमक: आधा छोटा चम्मच
- सफेद या सेंधा नमक: स्वादानुसार
- नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच
- पुदीने के पत्ते: 5-6 (बारीक कटे हुए)
- हरा धनिया: 1 चम्मच (बारीक कटा हुआ)
- बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च: एक चुटकी (ऑप्शनल, बेहतरीन स्वाद के लिए)
- बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार
- जलजीरा पाउडर: ऊपर से गार्निश के लिए
नोट: एक-दो चम्मच चना के सत्तू भी मिला सकते हो आप, जिससे मिश्रण गाढ़ा लगेगा और स्वाद भी अच्छा हो जायेगा। Jau ke Miththi Sattu आप केवल जौ का सत्तू, ठंडा पानी, गुड़ या चीनी और बर्फ के टुकड़े मिला सकते है.
जौ का शरबत बनाने की विधि (Jau ka sharbat banane ki vidhi)

यदि आप इस चिलचिलाती गर्मी में अपने परिवार को लू से बचाना चाहते हैं, तो इस Jau ka thanda Sharbat summer recipe को कदम-दर-कदम इस प्रकार तैयार करें:
- मिक्सिंग: सबसे पहले एक बड़े जग या मिट्टी/स्टील के बर्तन में 4 चम्मच भुने जौ का सत्तू डालें।
- लम्प्स फ्री घोल: अब इसमें आधा ग्लास ठंडा पानी डालें और एक मथनी या चम्मच की मदद से इसे अच्छी तरह फेंट लें ताकि कोई गांठ (lumps) न रहे।
- मसाले मिलाएं: जब घोल पूरी तरह स्मूथ हो जाए, तब इसमें बचा हुआ सारा ठंडा पानी, काला नमक, सफेद नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर और ताज़ा नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें।
- देसी तड़का: अब इसमें बारीक कटा हुआ पुदीना, हरा धनिया और अगर आपको चटपटा पसंद हो, तो एक चुटकी बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालें।
- परोसें: ग्लास में आइस क्यूब्स डालें और इस रिफ्रेशिंग Barley sharbat recipe in hindi को बिल्कुल चिल्ड सर्व करें। थोड़ा सा जलजीरा पाउडर का ऊपर से गार्निश कर सकते हैं।
Jau ka thanda Sattu recipe: गाढ़ा और सेहतमंद नाश्ता
अगर आप कामकाजी हैं, किसान हैं या सुबह-सुबह एक्सरसाइज करते हैं, तो आपके लिए Jau ka thanda Sattu recipe एक बेहतरीन ब्रेकफास्ट विकल्प हो सकती है। इसे शरबत की तुलना में थोड़ा गाढ़ा बनाया जाता है ताकि यह पेट को लंबे समय तक भरा रखे।
इस Jau ka sattu sharbat recipe को बनाने के लिए पानी की मात्रा थोड़ी कम रखी जाती है। कुछ लोग इसमें हल्का सा गुड़ या मिश्री मिलाकर मीठा सत्तू भी पीना पसंद करते हैं।
ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सुबह खाली पेट इस Jau ka thanda Sattu recipe का सेवन करते हैं, जिससे दिनभर तेज धूप में काम करने के बाद भी थकावट या कमजोरी महसूस नहीं होती।
पेट की गर्मी के लिए जौ का पानी (Pet ki garmi ke liye jau ka pani) के 5 जादुई फायदे

आयुर्वेदाचार्यों और आधुनिक हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्मियों के देसी ड्रिंक्स जौ के सत्तू (Barley water benefits) शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इसके 5 सबसे प्रमुख जादुई फायदे निम्नलिखित हैं:
1. भयंकर लू (Heatwave) से अचूक सुरक्षा
मई-जून के नौतपा और भीषण हीटवेव में घर से बाहर निकलने से पहले एक ग्लास जौ का शरबत पी लेने से शरीर का थर्मल रेगुलेशन बना रहता है। यह आपको लू की चपेट में आने से बचाता है।
2. पेट की गर्मी और एसिडिटी का काल
गर्मियों में अक्सर लोगों को पेट में जलन, खट्टी डकारें और एसिडिटी की समस्या हो जाती है। पेट की गर्मी के लिए जौ का पानी (Pet ki garmi ke liye joys ka pani) अमृत समान है। इसकी तासीर अत्यधिक ठंडी होती है, जो गैस्ट्रिक अग्नि को शांत करती है।
3. तुरंत एनर्जी और डिहाइड्रेशन से राहत
पसीने के माध्यम से शरीर से निकलने वाले जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को यह शरबत तुरंत पूरा करता है। इसमें मौजूद ग्लूकोज और मिनरल्स शरीर को इंस्टेंट बूस्ट देते हैं।
4. वजन घटाने में मददगार
जौ में प्रचुर मात्रा में बीटा-ग्लूकेन और डाइटरी फाइबर पाया जाता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और कैलोरी में बेहद कम होने के कारण बैली फैट को कम करने में मदद करता है।
5. किडनी और यूरिन इन्फेक्शन में फायदेमंद
जौ का पानी एक नेचुरल ड्यूरेटिक (मूत्रवर्धक) है। यह शरीर के हानिकारक टॉक्सिन्स को यूरिन के रास्ते बाहर निकालता है और गर्मियों में होने वाली पेशाब की जलन को जड़ से खत्म करता है।
सत्तू का महा-मुकाबला: जौ सत्तू बनाम चना सत्तू
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि गर्मियों में कौन सा सत्तू सबसे बेस्ट है?
| विशेषता | जौ का सत्तू (Jau Sattu) | चने का सत्तू (Chana Sattu) |
| तासीर | अत्यधिक ठंडी (कूलिंग इफेक्ट) | सामान्य ठंडी |
| मुख्य गुण | हाई फाइबर, वेट लॉस, डाइजेशन | हाई प्रोटीन, मसल्स बिल्डिंग, हैवी एनर्जी |
| बेस्ट फॉर | पेट की जलन, एसिडिटी, डाइबिटीज | मजदूर, एथलीट्स, जिम जाने वाले |
क्या जौ सत्तू में चना सत्तू मिला सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल! हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्या जौ सत्तू में चना सत्तू मिल सकते हैं का जवाब पूरी तरह सकारात्मक है। इन दोनों को मिलाकर बनाया गया ‘मिश्रित सत्तू’ सोने पर सुहागा होता है।
Read also- How to make masala Chaas: तपती गर्मी में घर पर मिनटों में बनाएं मसाला छाछ, गर्मी में बॉडी रहेगी ठंडक
इससे आपको चने का भरपूर प्रोटीन और जौ की असीम ठंडक दोनों एक साथ मिल जाते हैं। आप 50:50 के अनुपात में दोनों को मिलाकर अपनी Jau ka thanda Sattu recipe को और भी अधिक पौष्टिक बना सकते हैं।
Jau ka thanda Sharbat summer recipe: इस गर्मी अपनाएं देसीपन
सस्ते, केमिकल वाले पैकेट बंद जूस और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली कोल्ड ड्रिंक्स को अलविदा कहने का समय आ गया है। इस समर सीजन में अपनी डाइट में इस बेहतरीन Jau ka thanda Sharbat summer recipe को शामिल करें।
यह न केवल आपकी जेब पर हल्की है, बल्कि आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य को भीषण गर्मी में भी सुरक्षित और कूल रखेगी। ऐसी ही सटीक, प्रामाणिक और स्वास्थ्यवर्धक जानकारियों तथा आसान रेसिपीज के लिए हमें नियमित रूप से पढ़ते रहें। साथ में इस लेख को अपने मित्रों व परिवार के साथ साझा करना न भूलें!
जौ और चना सत्तू से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs of Jau ka thanda Sharbat summer recipe)
यहाँ इस Jau ka thanda Sharbat summer recipe से संबंधित उन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए गए हैं जो पाठक अक्सर गूगल पर सर्च करते हैं:
क्या जौ का सत्तू और चने का सत्तू एक ही होता है?
नहीं, दोनों अलग-अलग अनाजों से बनते हैं। जौ का सत्तू भुने हुए जौ (Barley) को पीसकर तैयार किया जाता है, जबकि चने का सत्तू भुने हुए काले चने (Roasted Gram) से बनता है। जौ के सत्तू की तासीर चने के मुकाबले ज्यादा ठंडी होती है, जो विशेष रूप से पेट की गर्मी शांत करने के लिए जानी जाती है।
गर्मियों में जौ और चना सत्तू में से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है?
गर्मियों के मौसम में दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। अगर आपको एसिडिटी, पेट में जलन, लू से बचना है या वजन कम करना है, तो जौ का सत्तू सबसे बेस्ट है क्योंकि इसकी तासीर बहुत ठंडी होती है। वहीं, अगर आप शारीरिक मेहनत ज्यादा करते हैं, जिम जाते हैं या लंबे समय तक एनर्जी चाहते हैं, तो प्रोटीन से भरपूर चने का सत्तू ज्यादा फायदेमंद है।
क्या जौ सत्तू में चना सत्तू मिला सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल! आप दोनों को बराबर मात्रा (50:50 ratio) में मिलाकर मिक्स सत्तू तैयार कर सकते हैं। इन दोनों को मिलाने से आपको चने से बेहतरीन प्रोटीन और जौ से गजब की शीतलता व फाइबर मिलता है, जो इस कॉम्बिनेशन को सेहत के लिए ‘सुपरफूड’ बना देता है।
जौ का ठंडा शरबत (Jau ka Thanda Sharbat) पीने का सही समय क्या है?
इसे पीने का सबसे सही समय सुबह खाली पेट या दोपहर के लंच से पहले (धूप में निकलने से पहले) होता है। सुबह खाली पेट पीने से यह पूरे दिन आपके पाचन तंत्र को ठंडा रखता है और दोपहर में यह आपको डिहाइड्रेशन और लू के थपेड़ों से सुरक्षित रखता है। रात के समय सत्तू पीने से बचना चाहिए क्योंकि यह पचने में थोड़ा भारी होता है।
क्या डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज जौ का सत्तू पी सकते हैं?
हाँ, डायबिटीज के मरीजों के लिए जौ का सत्तू एक वरदान है। जौ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत कम होता है और इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है। जो खून में शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता। बस ध्यान रखें कि शुगर के मरीज इसे मीठा (गुड़/चीनी) बनाने के बजाय काला नमक, जीरा और नींबू मिलाकर नमकीन रूप में ही पिएं।
क्या वजन घटाने (Weight Loss) के लिए जौ का शरबत फायदेमंद है?
जी हाँ, वजन घटाने के सफर में यह बहुत मददगार है। जौ के सत्तू में ‘बीटा-ग्लूकेन’ नाम का डाइटरी फाइबर होता है। जब आप इस Jau ka thanda Sharbat summer recipe को पीते हैं, तो यह आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे असमय भूख (Cravings) नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।
क्या सत्तू का शरबत बच्चों और बुजुर्गों को दिया जा सकता है?
बिल्कुल दिया जा सकता है। यह 100% प्राकृतिक और सुरक्षित है। बच्चों को खेल-कूद के बाद हाइड्रेट करने के लिए और बुजुर्गों को गर्मियों में होने वाली कमजोरी व कब्ज (Constipation) की समस्या से बचाने के लिए यह शरबत बेहद लाभकारी है। छोटे बच्चों को देते समय इसकी कंसिस्टेंसी थोड़ी पतली रखें।
सत्तू का शरबत मीठा पीना ज्यादा बेहतर है या नमकीन?
यह आपकी पसंद और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। अगर आप तुरंत एनर्जी चाहते हैं और आपका शुगर लेवल नॉर्मल है, तो आप गुड़ या मिश्री मिलाकर मीठा शरबत पी सकते हैं। लेकिन अगर आप गैस, एसिडिटी, मोटापा या डायबिटीज से परेशान हैं, तो काला नमक, भुना जीरा, पुदीना और नींबू वाला नमकीन शरबत ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।
Read also- PCOS Is Now PMOS? जानिए क्यों डॉक्टर्स बदल रहे हैं इसका नाम और आपकी सेहत पर क्या होगा असर?
Disclaimer: इस आर्टिकल में दिया गया सभी जानकारी शिक्षा के उद्देश्य से है, किसी भी तरह की खाने पीने के सामान के लिए अपने कंसल्ट से सलाह जरूर ले।

