NEET UG Re Exam Date 2026 Announced: देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए पिछले कुछ दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं। जिस परीक्षा के लिए छात्र सालों मेहनत करते हैं। उसकी शुचिता पर जब सवाल उठते हैं, तो दिल का टूटना स्वाभाविक है।
NEET UG Exam Cancelled होने की खबर ने न केवल छात्रों को झकझोरा, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। लेकिन अब, एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि NEET UG Re Exam Date 2026 Announced हो चुकी है।
NEET UG Re Exam Date 2026 Announced: महत्वपूर्ण जानकारी
- परीक्षा की तारीख: 21 जून 2026
- एडमिट कार्ड: जून के दूसरे सप्ताह में संभावित।
- वेबसाइट: केवल neet.nta.nic.in पर भरोसा करें।
लाखों उम्मीदवारों की मेहनत और उनके डॉक्टर बनने के सपने अब 21 जून की अग्निपरीक्षा पर टिके हैं। सतर्क रहें और केवल अपनी मेहनत पर विश्वास करें।
NEET UG Exam Cancelled: क्या था पूरा मामला?
अगर हम पीछे मुड़कर देखें कि आखिर NEET UG Exam Cancelled क्यों हुई, तो मामला बेहद गंभीर नजर आता है। 3 मई को परीक्षा संपन्न होने के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों, विशेषकर राजस्थान और बिहार से पेपर लीक होने की खबरें आने लगीं।
शुरुआत में NTA ने इन खबरों को खारिज किया, लेकिन जब राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं। जांच में पाया गया कि परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर पेपर के सवाल तैर रहे थे। इसी गड़बड़ी और छात्रों के भारी आक्रोश को देखते हुए अंततः केंद्र सरकार ने दखल दिया और NEET UG Exam Cancelled करने का कड़ा फैसला लिया गया।
NEET UG Re Exam कब होगी और क्या दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना होगा?
छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि NEET UG Re Exam कब होगी? जैसा कि ऊपर बताया गया है, परीक्षा 21 जून को होगी। लेकिन इसके साथ ही एक और तकनीकी सवाल है: NEET UG Re Exam के लिए क्या दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना होगा?
NTA ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने 3 मई की परीक्षा के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया था और जिन्हें एडमिट कार्ड जारी किए गए थे, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुराने आवेदन ही मान्य होंगे और उम्मीदवारों को कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना होगा। छात्रों के लिए नए एडमिट कार्ड और सिटी इंटिमेशन स्लिप जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे।
माफिया ग्रुप का पर्दाफाश: 1 मई को ही लीक हुआ था पेपर!
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है ‘प्राइवेट माफिया’ नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप। सूत्रों के मुताबिक, लीक बताए पेपर और NEET के पेपर में एक जैसे सवाल पाए गए हैं। लगभग 120 से अधिक सवाल हूबहू मैच कर रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि पेपर परीक्षा से दो दिन पहले यानी 1 मई को ही माफिया ग्रुप पर लीक कर दिया गया था। जांच एजेंसियों को पता चला है कि यह 402 मेंबर का ग्रुप पासवर्ड से लॉक था, जिसमें शामिल होने के लिए मोटी रकम वसूली गई थी। इस ग्रुप में पेपर को ‘गेस पेपर’ बताकर बेचा जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो।
CBI की एंट्री: NTA अधिकारियों पर भी शक की सुई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। CBI कोर्ट में 5 आरोपियों की पेशी हुई है, जिनमें मुख्य मास्टरमाइंड दिनेश बीवाल और मांगीलाल बीवाल शामिल हैं। कोर्ट ने इन आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी मिली है, ताकि इस पूरे नेक्सस की तह तक जाया जा सके।
CBI की जांच का एक सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि अब CBI को NTA अधिकारियों पर भी शक है। एजेंसी को संदेह है कि बिना किसी अंदरूनी मदद के पेपर का इतनी गोपनीयता के साथ लीक होना और फिर उसे डिजिटल रूप से फैलाना संभव नहीं था। अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है कि क्या प्रिंटिंग प्रेस या ट्रांसपोर्टेशन के दौरान किसी ने माफिया ग्रुप की मदद की थी।
पहले भी पेपर लीक होता रहा था: एक कड़वा सच
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी कोई नौसिखिए नहीं हैं। पूछताछ में संकेत मिले हैं कि पहले भी पेपर लीक होता रहा था और यह गैंग लंबे समय से शिक्षा माफिया के तौर पर सक्रिय था। जयपुर के बीवाल परिवार के कई सदस्यों का एक साथ मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेना भी अब जांच के घेरे में है।
छात्रों के लिए आगे की राह
अब जबकि NEET UG Re Exam Date 2026 Announced हो चुकी है, छात्रों के पास तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा है। NEET UG Exam Cancelled होने से जो मानसिक तनाव पैदा हुआ था, उसे पीछे छोड़कर अब फिर से किताबों की ओर लौटने का वक्त है।
21 जून की परीक्षा के लिए NTA ने ‘जीरो एरर’ पॉलिसी अपनाने का दावा किया है। नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत अब पेपरों की जीपीएस ट्रैकिंग और सीसीटीवी निगरानी और भी कड़ी कर दी गई है। हम उम्मीद करते हैं कि इस बार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी मेधावी छात्र का हक नहीं मारा जाएगा।










