Comrade Mahendra Bharati: चम्पारण के लाल कॉमरेड महेंद्र भारती अग्रणी स्वतंत्रता सेनानी थे। एक समय वे भगत सिंह, राज गुरु जैसे महान क्रांतिकारी को अपना नेतृत्व मानकर स्वतंत्रता संग्राम में कूदकर अपना सबकुछ समाज के लिए खफा दिए।
Comrade Mahendra Bharati के बारे में कुछ जानकारी
Comrade Mahendra Bharati (कॉमरेड महेंद्र भारती) का जिक्र कर रहे हैं जो भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम (CPI-M) के कद्दावर नेता और ज़िला सचिव रहे थे। उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ दी गई है:
- राजनीतिक उनकी पेशा नहीं बल्कि सेवा था: वे पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) में वामपंथी आंदोलन के एक स्तंभ माने जाते थे। वे लंबे समय तक सीपीएम के ज़िला सचिव और राज्य समिति के सदस्य रहे।
- किसानों और मजदूरों को अपना भाई मानते थे: उन्होंने चम्पारण की धरती पर गन्ना किसानों के बकाये भुगतान, भूमि सुधार और खेतिहर मजदूरों के हक के लिए दर्जनों आंदोलन किए।
- सादगी और समर्पण: महेंद्र भारती अपनी सादगी और बेदाग छवि के लिए न केवल अपनी पार्टी में, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं के बीच भी बहुत सम्मानित थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों की सेवा में समर्पित कर दिया। सादगी इतना की वे भौतिक सुख सुविधा से दूर रहकर वंचितों को सेवा करते थे।
Comrade Mahendra Bharati 2 बार के विधायक रह चुके हैं
Comrade Mahendra Bharati एक कद्दावर व्यक्तित्व थे और उनकी राजनीतिक पहचान है कि वे 2 बार के विधायक भी रहे हैं। कॉमरेड महेंद्र भारती बिहार राज्य के पूर्वी चम्पारण जिले के मधुबन विधानसभा क्षेत्र से 2 बार विधायक निर्वाचित हुए थे।
वे 1980 के दशक के आसपास इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के टिकट पर चुनाव जीता। मधुबन क्षेत्र में उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी। उन्होंने वहाँ के किसानों, विशेषकर गन्ना किसानों और भूमिहीन मजदूरों के लिए जो काम किए, उसी का परिणाम था कि जनता ने उन्हें बार-बार अपना प्रतिनिधि चुना।
Comrade Mahendra Bharati के याद में स्मृति सभा का आयोजन हुआ
सीपीएम के सांझी विरासत सभा के अंतर्गत राजेपुर थाना क्षेत्र के नर्वा पानापुर गांव में पूर्व विधायक कामरेड महेंद्र भारती की पुण्यतिथि मनाई गई। उनका स्मृति सभा 4 फरवरी 2026 दिन बुधवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला सेक्रेट्री सत्येंद्र मिश्रा, अशोक पाठक, शक्तिनाथ तिवारी, मुकेश कुमार, शिवजी राम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं जनता शामिल हुए।
महेंद्र भारती स्मृति सभा में लोग उनके याद कर भावुक हो गए। Comrade Mahendra Bharati (कामरेड महेंद्र भारती) वंचित, पीड़ित, शोषित के रहनुमा थे। जब गरीब के बच्चा भूख से रोता, ठंडी रात को पहनने के लिए कपड़े नहीं होते तो भारती जी उनके प्रबंध के लिए गांव के संपन्न लोग से अनाज मानते थे।
लेकिन गांव के संपन्न लोग उनके सहायता के लिए आगे कोई नहीं आता। तो कॉमरेड महेंद्र भारती रो रो कर मजलूम की अखोदेखा हाल सुनाते, ताकि जुल्म वाले के थोड़ा दिल पसीजे और एक निवाला इन गरीबों के ऊपर फेक देते।
Laal Salam
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