Bihar UP North East South India Delhi Editorial Temple Mobile Food Beauty Business IPL Edu Auto More

---Advertisement---

Kerala Cm Oath Update: केरलम में सतीशन सरकार का आगाज़ में दिल्ली से पहुंचे राहुल-प्रियंका, मगर थरूर ने बनाई दूरी; ये रही मंत्रिमंडल की पूरी लिस्ट

Published: 18 May 2026
Kerala CM Oath Update
---Advertisement---

Kerala CM Oath Update: केरल की राजनीति में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन (VD Satheesan) आज केरलम के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। 

राज्य विधानसभा चुनाव 2026 में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की प्रचंड जीत के बाद पूरा केरल इस समय उत्सव के माहौल में डूबा हुआ है। तिरुवनंतपुरम का सेंट्रल स्टेडियम इस भव्य समारोह का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

राजनीति के गलियारों से लेकर आम जनता के बीच इस समय केवल एक ही चर्चा है—Kerala CM Oath Update। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इस नए दौर में केरल की कमान संभालने वाली टीम कैसी होगी और सतीशन किस तरह का ‘केरल मॉडल’ पेश करेंगे।

इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर आ रही Kerala CM Oath Ceremony News के अनुसार, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल यूडीएफ ने मिलकर एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार की है। 

हालांकि, इस जश्न के बीच कुछ ऐसी खबरें भी तैर रही हैं जिन्होंने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहाँ एक तरफ देश के सबसे बड़े नेताओं का जमावड़ा तिरुवनंतपुरम में लग रहा है।

वहीं दूसरी ओर तिरुवनंतपुरम के अपने ही सांसद शशि थरूर इस ऐतिहासिक पल से दूर रहने वाले हैं। आइए इस पूरे घटनाक्रम और नए मंत्रिमंडल की सूची का गहराई से विश्लेषण करते हैं।

केरल में वीडी सतीशन ही क्यों बनेंगे सीएम?

चुनाव नतीजों के आने के बाद से ही कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दिनों तक सस्पेंस और गुटीय समीकरणों का दौर चला। मुख्यमंत्री की रेस में केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे कद्दावर नेताओं के नाम भी चर्चा में थे।

लेकिन आखिरकार कांग्रेस हाईकमान ने वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। आखिर केरल में वीडी सतीशन ही क्यों बनेंगे सीएम? इसका सीधा जवाब है उनका जमीनी संघर्ष और विपक्ष के नेता के रूप में उनका आक्रामक रुख। 

सतीशन ने पिछले पांच वर्षों में वामपंथी सरकार (LDF) को हर मोर्चे पर घेरा और जनता के मुद्दों को पूरी प्रखरता से उठाया। वे परवूर विधानसभा सीट से लगातार छठी बार (2001 से) चुनाव जीते हैं। 

इस बार उन्होंने सीपीआई के ईटी टाइसन मास्टर को 20,600 से अधिक वोटों के अंतर से हराया है। उनकी इसी निरंतरता, बेदाग छवि और यूडीएफ के घटक दलों के बीच उनकी स्वीकार्यता के कारण हाईकमान ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी।

केरलम में वीडी सतीशन लेंगे सीएम पद की शपथ: शपथ से पहले क्या बोले वीडी सतीशन

राजभवन में राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री पद के दावेदार भावुक भी दिखे और आत्मविश्वास से भरे हुए भी। केरलम में वीडी सतीशन लेंगे सीएम पद की शपथ और इस ऐतिहासिक पल से पहले उन्होंने इस जिम्मेदारी को ‘दैवीय उपहार’ और एक बहुत बड़ी चुनौती बताया।

शपथ से पहले क्या बोले वीडी सतीशन, इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 

“केरल की जनता ने हमें एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने एलडीएफ के 10 साल के शासन को समाप्त कर यूडीएफ को 140 में से 102 सीटों का प्रचंड बहुमत दिया है।हमने जनता से जो भी वादे किए हैं, हम उन्हें एक-एक करके पूरा करेंगे। राज्य की वित्तीय स्थिति इस समय बेहद नाजुक है, लेकिन हम मिलकर एक ‘पुथु युगम’ (नए युग) की शुरुआत करेंगे और एक नया केरल बनाएंगे।” 

उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम यूडीएफ की जीत है।

केरलम में वीडी सतीशन के शपथग्रहण समारोह से शशि थरूर ने क्यों बनाई दूरी?

इस भव्य समारोह के बीच जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, वह है तिरुवनंतपुरम के लोकप्रिय सांसद डॉ. शशि थरूर की अनुपस्थिति। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह सवाल तेजी से घूम रहा है कि Kerala CM Oath Update केरलम में वीडी सतीशन के शपथग्रहण समारोह से शशि थरूर ने क्यों बनाई दूरी? 

कई लोग इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और थरूर के प्रदेश नेतृत्व के साथ पुराने मतभेदों से जोड़कर देख रहे हैं। अतीत में कई मौकों पर केरल कांग्रेस के कुछ गुटों और थरूर के बीच सार्वजनिक रूप से असहमति देखी गई है।

हालांकि, खुद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करके इस विवाद पर पूर्णविराम लगाने की कोशिश की है। थरूर ने स्पष्ट किया कि वे इस सप्ताहांत अमेरिका के बोस्टन में रहेंगे, जहां उन्हें अपनी मातृसंस्था ‘द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी’ (टफ्ट्स यूनिवर्सिटी) के दीक्षांत समारोह में मुख्य भाषण देना है। 

साथ ही, उनकी पासिंग आउट क्लास की 50वीं वर्षगांठ का रीयूनियन भी है। थरूर ने वीडी सतीशन को बधाई देते हुए उनके कार्यकाल को “अथक परिश्रम और दृढ़ विश्वास की जीत” बताया। 

इसके बावजूद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस चुनाव में थरूर की मौजूदगी हमेशा से यूडीएफ के लिए एक बड़ा एक्स-फैक्टर रही है, और इस बड़े मौके पर उनका भौतिक रूप से मौजूद न होना कुछ सवाल तो जरूर छोड़ जाता है।

केरलम में वीडी सतीशन के सीएम पद की शपथ समारोह में कौन कौन नेता आएंगे?

तिरुवनंतपुरम का सेंट्रल स्टेडियम आज राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है। नवीनतम Kerala CM Oath Update के अनुसार, इस समारोह को भव्य और विपक्षी एकजुटता का प्रतीक बनाने के लिए देश भर के दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है।

अगर बात करें कि केरलम में वीडी सतीशन के सीएम पद की शपथ समारोह में कौन कौन नेता आएंगे, तो इस सूची में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाश्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

Read also- Kerala CM Name 2026: Kerala CM के लिए कांग्रेस में घमासान, रेस में ये 3 बड़े नाम सबसे आगे, UDF में नाराजगी

इनके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों जैसे हिमाचल, तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। यूडीएफ गठबंधन के सभी शीर्ष नेता और देश के विभिन्न राज्यों से इंडिया गठबंधन के प्रमुख चेहरे भी इस समारोह की शोभा बढ़ाने पहुंच रहे हैं। 

इस विशाल जमावड़े से जुड़ी पल-पल की जानकारियां Kerala CM Oath Ceremony News के माध्यम से देश भर के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रही हैं।

इस समारोह में तामिलनाडु के नए सीएम विजय को भी आमंत्रित किया गया है। साथ में केरल के पूर्व सीएम, भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टी के स्टेट अध्यक्ष को भी बुलाया गया है। 

मंत्रिमंडल का गणित: नए मंत्रिमंडल में 21 लोग सदस्य होंगे शामिल

सरकार गठन के साथ ही सबसे बड़ी चुनौती एक संतुलित मंत्रिमंडल तैयार करने की थी। वीडी सतीशन ने स्पष्ट किया है कि नए मंत्रिमंडल में 21 लोग सदस्य होंगे शामिल। 

मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 22 सदस्यीय इस कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की गई है। इस गठबंधन सरकार के सबसे बड़े सहयोगी दल को लेकर भी स्थितियां पूरी तरह साफ हो चुकी हैं। 

तय फॉर्मूले के मुताबिक, UDF सरकार में IUML को मिलेंगे 5 मंत्री पद। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) यूडीएफ का एक बेहद मजबूत स्तंभ है। इस शानदार जीत में उसकी बड़ी भूमिका रही है, जिसे देखते हुए उन्हें कैबिनेट में यह महत्वपूर्ण हिस्सेदारी दी गई है।

हालांकि, सहयोगियों को खुश रखने के चक्कर में कांग्रेस को अपने कोटे में थोड़ी कटौती करनी पड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के कम मंत्रियों पर सतीशन ने जताई निराशा।

वीडी सतीशन का मानना था कि कांग्रेस के बड़े जनादेश को देखते हुए उसके मंत्रियों की संख्या थोड़ी और अधिक होनी चाहिए थी। उनके पार्टी के वरिष्ठ विधायकों को समायोजित किया जा सके। लेकिन गठबंधन धर्म को निभाते हुए उन्होंने पार्टी नेतृत्व के फैसले को स्वीकार कर लिया।

Kerala CM Oath Update: वीडी सतीशन के सरकार में नए मंत्री का लिस्ट 

केरल में वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली नई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार के मंत्रिमंडल को पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री को मिलाकर इस कैबिनेट में कुल 21 सदस्य शामिल हैं। जिन्होंने आज पद और गोपनीयता की शपथ ली।

Kerala CM Oath Ceremony News के अनुसार, इस नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय, सामाजिक और गठबंधन के समीकरणों को साधने का पूरा प्रयास किया गया है। यहाँ केरल के नए मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) और उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) की पूरी और सटीक सूची दी जा रही है:

मुख्यमंत्री (Chief Minister)

 वीडी सतीशन (VD Satheesan) – मुख्यमंत्री

कांग्रेस (Congress) कोटे के मंत्री (11 मंत्री)

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के अलावा कांग्रेस पार्टी से 11 अन्य विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। जो इस प्रकार हैं:

रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala)

संभावना है कि इन्हें गृह और सतर्कता (Home & Vigilance) विभाग की जिम्मेदारी मिलना तय हुआ है।

  • सन्नी जोसेफ (Sunny Joseph) – केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के प्रमुख।
  • के. मुरलीधरन (K. Muraleedharan)
  • ए. पी. अनिल कुमार (A.P. Anil Kumar)
  • पी. सी. विष्णूनाथ (P.C. Vishnunath)
  • रोजी एम. जॉन (Roji M. John)
  • बिंदु कृष्णा (Bindu Krishna) – महिला प्रतिनिधि
  • टी. सिद्दीकी (T. Siddique)
  • के. ए. तुलसी (K.A. Thulasi) – महिला प्रतिनिधि
  • एम. लिजू (M. Liju)
  • ओ. जे. जनीश (O.J. Janeesh)

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) कोटे के मंत्री (5 मंत्री)

यूडीएफ के सबसे बड़े सहयोगी दल IUML को तय फॉर्मूले के तहत 5 कैबिनेट पद दिए गए हैं:

  • पी. के. कुन्हालीकुट्टी (P.K. Kunhalikutty)
  • पी. के. बशीर (P.K. Basheer)
  • एन. शमसुद्दीन (N. Shamsudheen)
  • के. एम. शाजी (K.M. Shaji)
  • वी. ई. अब्दुल गफूर (V.E. Abdul Gafoor)

(नोट: पार्टी के रोटेशनल एग्रीमेंट के तहत ढाई साल बाद पी. अब्दुल्ला भी कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे।)

अन्य सहयोगी दलों के मंत्री (4 मंत्री)

गठबंधन के अन्य छोटे दलों को भी कैबिनेट में उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है:

  • मॉन्स जोसेफ (Mons Joseph) – केरल कांग्रेस (Kerala Congress – Joseph Group)
  • अनूप जैकब (Anoop Jacob) – केरल कांग्रेस-जैकोब (Kerala Congress – Jacob)
  • शिबू बेबी जॉन (Shibu Baby John) – रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP)
  • सी. पी. जॉन (C.P. John) – कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP)

विधानसभा के मुख्य पदाधिकारी

मंत्रिमंडल के अलावा विधानसभा को सुचारू रूप से चलाने के लिए निम्नलिखित वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है:

  • विधानसभा अध्यक्ष (Speaker): तिरुवनंचूर राधाकृष्णन (Thiruvanchoor Radhakrishnan) – कांग्रेस
  • उपाध्यक्ष (Deputy Speaker): शनीमोल उस्मान (Shanimol Usman) – कांग्रेस

इस बार कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों (बिंदु कृष्णा और के.ए. तुलसी) को शामिल किया गया है। जबकि शनीमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी देकर महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का संदेश दिया गया है। सभी मंत्रियों के आधिकारिक विभागों (Portfolios) की घोषणा राज्यपाल को सूची सौंपे जाने के बाद आज शाम तक कर दी जाएगी।

विकास की चुनौती: क्या पुराने LDF की तरह चहुमुखी विकास के लिए केरल मॉडल सेट कर पाएगा कांग्रेस?

केरल की जनता ने सत्ता परिवर्तन तो कर दिया है, लेकिन नई यूडीएफ सरकार के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पुराने LDF की तरह चहुमुखी विकास के लिए केरल मॉडल सेट कर पाएगा कांग्रेस?

पिछले वामपंथी शासन के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में केरल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई थी, जिसे ‘केरल मॉडल’ कहा जाता है।

ताजा Kerala CM Oath Update के अनुसार, वीडी सतीशन ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार किसी पुरानी लकीर को पीटने के बजाय एक व्यावहारिक और प्रगतिशील नीति अपनाएगी।

यूडीएफ का लक्ष्य केवल सामाजिक कल्याण ही नहीं, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और कर्ज के जाल में फंसी केरल की अर्थव्यवस्था को बाहर निकालना है।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन और जनता का भरोसा

यूडीएफ के सामने एक और बड़ी चुनौती अपनी छवि को सुधारने की होगी। इतिहास गवाह है कि अतीत में कांग्रेस का हाथ कई भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है, चाहे वह पूर्ववर्ती सरकारों के समय के कुछ घोटाले हों या नेताओं के आपसी विवाद। 

वामपंथियों ने हमेशा इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस को घेरा है।

लेकिन इस बार जनता ने उन्हें एक साफ स्लेट दी है। सतीशन की अपनी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है। इसलिए यह उम्मीद जताई जा रही है कि पर केरल में कांग्रेस विकास कर पाएगा और एक पारदर्शी शासन देने में सफल रहेगा। 

नई सरकार का पहला फोकस प्रशासनिक सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर होगा ताकि जनता को यह अहसास कराया जा सके कि उनका यह फैसला बिल्कुल सही था।

‘पुथु युगम’ की ओर बढ़ता केरलम

आज का यह दिन केरल के राजनीतिक इतिहास में एक नए मोड़ की तरह देखा जा रहा है। सुबह 10 बजे जब वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे।

उनके साथ केरल की लाखों-करोड़ों जनता की उम्मीदें भी उड़ान भरेंगी। इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार आ रही Kerala CM Oath Ceremony News यह साफ दर्शाती है कि कांग्रेस ने इस बार सत्ता संभालने के लिए बहुत ही सलीके और रणनीति के साथ कदम आगे बढ़ाए हैं।

भले ही शशि थरूर की कमी इस समारोह में खलेगी और मंत्रियों की संख्या को लेकर कांग्रेस के भीतर थोड़ी सी कसक रह गई हो, लेकिन वीडी सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ सरकार इस समय पूरे जोश में है। 

अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह नई कैबिनेट केरल की गंभीर आर्थिक चुनौतियों से कैसे निपटती है और विकास का कौन सा नया मॉडल देश के सामने पेश करती है। इस ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी Kerala CM Oath Update के लिए देश भर की नजरें आज तिरुवनंतपुरम पर टिकी हुई हैं।

Shivji Kumar

I am a student and also a bit of a thinker. I am a freelance journalist. I am fond of writing, I have been writing for the last 5 years.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a comment