3 players return in iran: ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला करने वाली सात ईरानी महिला फुटबॉल टीम की तीन खिलाड़ियों ने अपना निर्णय बदल लिया है और अब वे अपने देश ईरान लौट रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने रविवार को जारी बयान में इसकी पुष्टि की। इन तीन खिलाड़ियों के लौटने के बाद, अब केवल चार खिलाड़ी ही ऑस्ट्रेलिया में रह गई हैं।
दरअसल, एशिया कप के दौरान साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में ईरानी टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की कड़ी आलोचना की और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसी डर के चलते पहले पांच खिलाड़ियों ने और बाद में टीम के दो अन्य सदस्यों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से शरण मांगी थी। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें मानवीय आधार पर वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दी थी। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन सात खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी।
Later in the evening, they were reunited with their five teammates who had made the same decision the night before. They will be safe here. They will be at home here. They are welcome here in Australia. pic.twitter.com/6jjtPmYgLX— Tony Burke (@Tony_Burke) March 10, 2026

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने फैसले पर दोबारा सोचने का मौका दिया
गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि शनिवार रात ईरानी टीम की तीन सदस्यों ने बाकी टीम के साथ जुड़ने और ईरान वापस जाने का फैसला किया। बर्क के मुताबिक, जब इन खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को अपने फैसले के बारे में बताया, तो उन्हें अपनी पसंद और विकल्पों पर दोबारा विचार करने के लिए कई मौके दिए गए, ताकि वे बिना किसी दबाव के निर्णय ले सकें।
3 players return in iran: मलेशिया के रास्ते होगी ईरान वापसी
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात तीन सदस्य सिडनी से कुआलालंपुर (मलेशिया) के लिए रवाना हुए। ईरान की टीम ऑस्ट्रेलिया से निकलने के बाद से कुआलालंपुर में ही रुकी हुई है। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि लौटने वाले इन तीन सदस्यों में दो खिलाड़ी और एक सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।
ईरानी मीडिया ने इसे ‘प्रोजेक्ट’ की विफलता बताया
खिलाड़ियों के वापस लौटने के फैसले पर ईरान की न्यूज एजेंसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तसनीम न्यूज एजेंसी ने इसे ‘अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई प्रोजेक्ट’ की शर्मनाक हार करार दिया है। साथ ही इसे डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक और विफलता बताया है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बचे हुए तीन सदस्यों के भविष्य को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

